उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर (SIR) की प्रक्रिया का काम तेजी से चल रहा है। इस दौरान साइबर अपराधियों के सक्रिय होने की आशंका को देखते हुए, राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने लोगों को अलर्ट किया है और ओटीपी (OTP) ठगी से सावधान रहने की चेतावनी दी है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया है:
“मतदाता सूची शुद्धिकरण में बीएलओ द्वारा किसी तरह की ओटीपी नहीं मांगी जाती हैं। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान किसी भी चरण में वोटरों से ओटीपी नहीं ली जाती है।”
OTP मांगे तो समझें फर्जी या संदिग्ध
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने मतदाताओं को सलाह दी है कि वे एसआईआर की प्रक्रिया के दौरान सतर्क रहें।
- BLO घर-घर जा रहे हैं: उन्होंने बताया कि SIR की प्रक्रिया के दौरान सभी बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) घर-घर जाकर मतदाताओं को गणना प्रपत्र दे रहे हैं और फॉर्म भरवा रहे हैं। इस प्रक्रिया में ओटीपी की आवश्यकता नहीं है।
- फर्जी अलर्ट: उन्होंने वोटरों को अलर्ट जारी करते हुए कहा कि कुछ अराजक तत्व BLO बनकर लोगों से मोबाइल OTP मांग रहे हैं, ऐसे लोग फर्जी और संदिग्ध हैं।
- साइबर ठगी: चुनाव आयोग ने इस तरह के मामलों को साइबर ठगी की आशंका बताया है और लोगों को इन अफवाहों से सावधान रहने की अपील की है।
वोटरों से अपील और निर्देश
चुनाव आयोग ने लोगों से अपील की है कि अगर कोई आपसे फ़ोन करके, मैसेज करके या अन्य किसी तरह से एसआईआर के लिए ओटीपी मांगता है, तो वोटर किसी भी स्थिति में उसके साथ अपना ओटीपी साझा न करें।
- धोखाधड़ी से बचें: आयोग ने कहा कि ऐसे लोग वोटरों से धोखाखड़ी कर सकते हैं।
- विकल्प: इन घटनाओं से बचने के लिए चुनाव आयोग ने लोगों को अपने बीएलओ से संपर्क करने की अपील की है। वोटर ख़ुद भी गणना पत्र भरकर बीएलओ को जमा कर सकते हैं।
नवदीप रिणवा ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को एसआईआर से जुड़ी अफवाहों को रोकने के लिए जागरुकता अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं, ताकि एसआईआर की प्रक्रिया में लोग सावधान रहें और कोई गड़बड़ी न हो सके।












