उत्तर प्रदेश में चल रही मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया के बीच एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां काम के अत्यधिक दबाव के चलते एक महिला सहायक अध्यापिका ने बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) के पद से इस्तीफा दे दिया है। अध्यापिका ने अपने इस्तीफे में साफ लिखा है कि वह शिक्षण कार्य और बीएलओ दोनों जिम्मेदारियां निभाने में असमर्थ हैं। उनका यह इस्तीफा पत्र सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
शिक्षण और BLO का बोझ संभालना हुआ मुश्किल
मिली जानकारी के अनुसार, अध्यापिका का नाम पिंकी सिंह है। वह नोएडा के सेक्टर 94 स्थित गेझा के उच्च प्राथमिक स्कूल में सहायक अध्यापिका के पद पर कार्यरत हैं।
- कारण: बताया जा रहा है कि पिंकी सिंह थायराइड की समस्या से ग्रस्त हैं और घर में भी पारिवारिक परेशानियों का सामना कर रही हैं, जिसकी वजह से वह दोनों कामों का बोझ संभाल नहीं पा रही थीं।
- अपील अनसुनी: विद्यालय की प्रधानाचार्य नीलम सिंह ने बताया कि शिक्षिका ने ड्यूटी लगने के बाद इसे न लगाने की अपील की थी, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं की गई, जिसके बाद उन्होंने बीएलओ पद से इस्तीफा दे दिया।
इस्तीफे में लिखी दिल की बात
महिला अध्यापिका पिंकी सिंह के वायरल हुए इस्तीफे पत्र में काम के दबाव का स्पष्ट जिक्र है। उन्होंने लिखा है:
“मेरा बीएलओ का पार्ट नंबर 206 है। मतदाता स्थल रॉकवुड स्कूल है। मेरे भाग संख्या में 1179 मतदाता हैं। मैंने 215 मतदाताओं का ऑफलाइन डेटा फीड कर दिया है। मैं अब अपने जॉब से इस्तीफा दे रही हूं, क्योंकि अब मुझसे यह काम नहीं हो पाएगा।”
उन्होंने आगे लिखा, “न शिक्षण कार्य हो पाएगा, न ही बीएलओ का कार्य।” पत्र में उन्होंने निर्वाचन सामग्री वापस करने की अपील भी की है।
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब गौतमबुद्ध नगर में मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) का कार्य तेजी से चल रहा है और लापरवाही बरतने वाले बीएलओ तथा सुपरवाइजरों पर कार्रवाई भी की जा रही है।













