शोएब 10 दिन और आमिर 7 दिन की रिमांड पर, आतंकी उमर-उन-नबी को पनाह देने का है आरोप
दिल्ली के लाल किले के पास 10 नवंबर को हुए कार ब्लास्ट मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने गिरफ्तार दो आरोपियों को बुधवार (26 नवंबर 2025) को दिल्ली की एक अदालत में पेश किया। प्रधान जिला एवं सत्र जस्टिस अंजू बजाज चंदना की अदालत में पेश किए गए आरोपी शोएब और आमिर राशिद अली की रिमांड अवधि बढ़ा दी गई है।
- शोएब (7वां आरोपी): कोर्ट ने शोएब को 10 दिन की एनआईए रिमांड पर भेजा है। उस पर मुख्य आतंकी उमर-उन-नबी को पनाह देने का गंभीर आरोप है।
- आमिर राशिद अली (पहला आरोपी): एनआईए ने आमिर की और रिमांड की मांग की थी, जिस पर कोर्ट ने उसे 7 दिन की रिमांड दी। आमिर राशिद के नाम से ही ब्लास्ट में इस्तेमाल कार खरीदी गई थी।
कौन है शोएब? ‘व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल’ का हिस्सा
एनआईए ने लाल किले के पास विस्फोटक से भरी कार चलाने वाले डॉ. उमर उन नबी को कथित तौर पर पनाह देने के मामले में फरीदाबाद से शोएब को गिरफ्तार किया था।
- आरोप: जांच एजेंसी के अनुसार, शोएब ने उमर को न केवल अपने घर में पनाह दी थी, बल्कि उसे विस्फोटक सामग्री पहुंचाने, सुरक्षित रास्ते बताने और फरार होने में भी मदद की थी।
- टेरर नेटवर्क: शोएब को जम्मू पुलिस ने ‘व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल’ के रूप में उजागर किया है। एनआईए को शक है कि शोएब का ताल्लुक किसी बड़े आतंकी नेटवर्क से भी हो सकता है। उसकी लोकेशन और कॉल डिटेल्स की जांच से कई चौंकाने वाले खुलासे होने की उम्मीद है।
कई राज्यों में छापेमारी जारी
एनआईए ने कहा कि वह आत्मघाती हमले के संबंध में विभिन्न सुरागों पर काम कर रही है और इस जघन्य हमले में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने के लिए संबंधित पुलिस बलों के समन्वय से विभिन्न राज्यों में तलाशी अभियान संचालित कर रही है। देश के कई राज्यों जैसे पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में एक साथ सर्च ऑपरेशन चल रहे हैं।













